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योगी सरकार शराब माफिया पर सख्त

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में समय-समय पर अवैध शराब से हुई मौतों को देखते हुए योगी सरकार ने शराब माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अवैध शराब से मौत और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान के चलते शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है. महज साढ़े 4 साल के अंदर अबतक न सिर्फ यूपी के 515 शराब माफियाओं को चिन्हित किया गया, बल्कि इस दौरान 511 शराब माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 493 शराब माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है. हालांकि इस दौरान यूपी के विभिन्न जिलों में करीब 200 से अधिक लोगों की जहरीली शराब से जान भी जा चुकी है.

उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में लगातार हो रही अवैध शराब से मौतों और राजस्व के नुकसान को देखते हुए अवैध शराब के कारोबार को ध्वस्त करने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं. आबकारी अधिनियम में धारा-60 क जोड़कर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है. अवैध शराब का करोबार करते पकड़े जाने पर अब आबकारी अधिनियम के साथ IPC, गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है और साथ ही अवैध शराब के कारोबारियों की कुर्की कर उनकी संपत्ति भी ज़ब्त कराई जा रही है.’

अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक ‘यूपी में बीते साढ़े 4 साल के अंदर 515 शराब माफियाओं को चिन्हित किया गया है. जिसमें 511 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 493 शराब माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है. इस दौरान 30 शराब माफियाओं की कुर्की के साथ 72 पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई है. इस दौरान 114 शराब माफियाओं पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर 8 माफियाओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किये गए हैं. साथ ही 172 शराब माफियाओं की हिस्ट्रीशीट खुलवाकर पुलिस उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई गई है. शराब माफियाओं के खिलाफ इस तरह की कड़ी कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है.

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