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दुनिया ‘इतिहास में एक बदलाव के बिंदु’ पर अमेरिका “एक नया शीतयुद्ध नहीं चाहता :जो बाइडन

संयुक्त राष्ट्र. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पहला संबोधन देते हुए यह घोषणा की कि दुनिया ‘इतिहास में एक बदलाव के बिंदु’ पर है और उसे कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकार हनन के मुद्दों से निपटने के लिए तेजी से सहयोगात्मक रूप से आगे बढ़ना चाहिए. चीन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच बाइडन ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका “एक नया शीतयुद्ध नहीं चाहता है.”

बाइडन ने चीन का सीधे उल्लेख किये बिना दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को स्वीकार किया. हालांकि उन्होंने कहा, “हम एक नया शीतयुद्ध या कठोर ब्लॉक में विभाजित दुनिया नहीं चाहते हैं. अमेरिका किसी भी राष्ट्र के साथ काम करने के लिए तैयार है जो शांतिपूर्ण प्रस्तावों का अनुसरण करता हो…क्योंकि हम सभी अपनी असफलताओं के परिणाम भुगत चुके हैं.”

बाइडन ने पिछले महीने अफगानिस्तान में अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने के अपने फैसले का उल्लेख किया और अपने प्रशासन के लिए दुनिया के सामने उत्पन्न संकटों से निपटने के लिए एक रूपरेखा तय की. उन्होंने कहा कि वह इस विश्वास से प्रेरित हैं कि “अपने लोगों की बेहतरी के लिए हमें बाकी दुनिया के साथ भी गहराई से जुड़ना चाहिए.”

 

बाइडन ने कहा, “हमने अफगानिस्तान में 20 साल से चल रहे संघर्ष को खत्म कर दिया है.” उन्होंने कहा, “ऐसे में जब हमने इस युद्ध को समाप्त किया है, हम अपनी विकास सहायता का इस्तेमाल दुनिया भर में लोगों के उत्थान के लिए करने की कूटनीति के एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं.” बाइडन ने कहा कि जो लोग उनके देश के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, वे अमेरिका को एक कट्टर दुश्मन के रूप में पाएंगे.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले महीने काबुल हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले में हमने 13 अमेरिकी हीरो और कई अफगान नागरिकों को खो दिया. इसके साथ ही बाइडन ने कहा कि अमेरिका अब वही देश नहीं रहा जिस पर 20 साल पहले 9/11 को हमला हुआ था. उन्होंने कहा, ‘आज हम ज़्यादा ताकतवर और आतंकवाद की चुनौतियों के लिए तैयार हैं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ अपनी और अपने सहयोगियों की रक्षा करता रहेगा.

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर भी बाइडन ने यूएनजीए में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “आज हम आतंकवाद के ख़तरे का सामना कर रहे हैं, हमने अफगानिस्तान में 20 साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त कर दिया है. हम कूटनीति के दरवाजे खोल रहे हैं.” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमारी सुरक्षा, समृद्धि, स्वतंत्रता आपस में जुड़ी हुई है और हमें पहले की तरह दुनिया की सभी चुनौतियों के खिलाफ एक साथ मिलकर काम करना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन की शुरुआत कोविड-19 से दुनिया के सामने उत्पन्न चुनौती और हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए की. उन्होंने साथ ही प्रतिभागियों से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का समाधान करने की अपील भी की.

बाइडन संयुक्त राष्ट्र में अपना संबोधन ऐसे मुश्किल समय दे रहे हैं जब उनके राष्ट्रपति काल में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी हुई है और ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ एक नये समझौते ने अमेरिका के सबसे पुराने यूरोपीय सहयोगियों में से एक फ्रांस को नाराज कर दिया है.

 

बाइडन ने प्रतिभागियों से कहा कि वह इस बात की रूपरेखा तैयार करेंगे कि सभी लोगों के लिए एक अधिक समृद्ध भविष्य की ओर दुनिया का नेतृत्व करने में मदद करने के लिए अमेरिका कैसे भागीदारों और सहयोगियों के साथ काम करना चाहता है. उन्होंने कहा, ‘‘अपने लोगों के लिए हमें बाकी दुनिया के साथ भी गहराई से जुड़ना चाहिए.’’

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