Thursday , September 1 2022

सभी देशों से एक-दूसरे के वैक्सीन को मान्यता दे: नरेंद्र मोदी

वॉशिंगटन . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल कोविड समिट को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान दुनिया एक परिवार की तरह भारत के साथ खड़ी थी. भारत के लिए एकजुट होने और समर्थन करने के लिए मैं आप सबका धन्यवाद करता हूं. पीएम मोदी ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी अभी भी खत्म नहीं हुई है. दुनिया की ज्यादातर आबादी अभी भी वैक्सीनेटेड नहीं हुई है. इसलिए राष्ट्रपति जो बाइडेन की ये पहल समय पर शुरू की गई है, जो स्वागत योग्य है.’

उन्होंने कहा, ‘भारत ने मानवता को हमेशा एक परिवार की तरह देखा है. भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने कम लागत की डायग्नोस्टिक किट्स, दवाएं, मेडिकल डिवाइस और पीपीई किट का उत्पादन किया है. ये कई विकासशील देशों को किफायती विकल्प प्रदान कर रहे हैं.’ पीएम मोदी ने भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीन अभियान चला रहा है. कुछ दिन पहले हमने एक दिन में ढाई करोड़ लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई है. अब तक हम 20 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नए भारतीय टीके विकसित होते हैं, हम मौजूदा टीकों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रहे हैं. जैसे-जैसे हमारा उत्पादन बढ़ता है, हम दूसरों को भी वैक्सीन की आपूर्ति फिर से शुरू करने में सक्षम होंगे. इसके लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला खुली रखनी होगी.

ग्लोबल कोविड-19 समिट के मंच से पीएम मोदी ने सभी देशों से एक-दूसरे के वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता देने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाया जा सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो स्वदेशी रूप से विकसित टीकों को दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन सहित आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्राप्त हुआ है. कई भारतीय कंपनियां भी विभिन्न टीकों के लाइसेंस उत्पादन में शामिल हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे क्वाड पार्टनर्स के साथ हम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए टीके बनाने के लिए भारत की विनिर्माण शक्ति का लाभ उठा रहे हैं. भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोविड वैक्सीन डायग्नोस्टिक और दवाओं के लिए WTO में ट्रिप्‍स छूट का प्रस्ताव दिया है. यह महामारी के खिलाफ लड़ाई को तेजी से बढ़ाने में सक्षम होगा. हमें महामारी के आर्थिक प्रभावों को दूर करने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

one × four =