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बिंदास तनुजा बोल्ड कपड़े पहनना था उनका शौक

नई दिल्ली:तनुजा बॉलीवुड की एक ऐसी एक्ट्रेस रहीं जिन्होंने स्टीरियोटाइप को तोड़ अपनी बिंदास एक्टिंग से फिल्म इंडस्ट्री का एक नया पन्ना लिखा। तनुजा 78वां जन्मदिन मना रही हैं उनका जन्म 23 सितंबर को मुंबई (तब का बॉम्बे) में हुआ था।
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तनुजा के पिता कुमारसेन समर्थ कवि और फिल्म निर्देशक और उनकी मां शोभना समर्थ मशहूर एक्ट्रेस थीं। तनुजा ने अपने सिने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार साल 1950 में अपनी मां के होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘हमारी बेटी’ (1950) से की। इस फिल्म से तनुजा की बड़ी बहन नूतन ने भी एक्ट्रेस के तौर पर शुरुआत की थी। 13 साल की उम्र में तनुजा पढ़ने के लिए स्विट्जरलैंड चली गई जहां उन्होंने अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन भाषाएं भी सीखीं।

कॉलेज लाइफ में ही तनुजा को फिल्म का ऑफर मिला था। कहा जाता है कि तनुजा की मां ने उन्हें लॉन्च करने के लिए 1958 में ‘छबीली’ नाम से कॉमेडी फिल्म बनाने का फैसला किया। बतौर एक्ट्रेस छबीली तनुजा की पहली फिल्म थी।1961 में रिलीज हुई फिल्म ‘हमारी याद आएगी’ तनुजा के करियर की अहम फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में तनुजा ने इतना सहज, स्वाभाविक एक्टिंग की कि फैन्स ने महसूस किया कि गीता बाली की असमय मौत के बाद उनकी खाली जगह को भरने वाली एक्ट्रेस उन्हें मिल गई है।

हिंदी फिल्मों के अलावा तनुजा ने बांग्ला फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई है। बांग्ला फिल्मों में तनुजा की जोड़ी उत्तम कुमार और सौमित्र चटर्जी के साथ काफी पसंद की गई। इसके अलावा तनुजा ने गुजराती, मराठी, मलयालम और पंजाबी भाषाओं की फिल्मों में काम किया। तनुजा की करियर की कुछ उल्लेखनीय हिन्दी फिल्में नई उमर की नई फसल, भूत बंगला, बहारें फिर भी आएंगी, ज्वेल थीफ, दो दूनी चार, जीने की राह, गुस्ताखी माफ, पैसा या प्यार, पवित्र पापी, बचपन, हाथी मेरे साथी, दूर का राही, मेरे जीवन साथी, दो चोर, एक बार मुस्करा दो, अनुभव, अमीर गरीब, इम्तिहान, प्रेम रोग, बेखुदी, साथिया, खाकी जैसी हैं।

 

तनुजा के सिने करियर में उनकी जोड़ी राजेश खन्ना के साथ काफी पसंद की गई। साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘पैसा या प्यार’ के लिए तनुजा को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया। वहीं 2014 में तनुजा को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

 

तनुजा ने अपनी जिंदगी बिंदास अंदाज में जी है। उन्होंने कभी इस बात की परवाह नहीं की लोग उनके बारे में क्या सोचते है। एक बार उन्होंने फिल्म ‘बहारें फिर भी आएंगी’ की शूटिंग के दौरान फिल्मकार गुरदत्त से कह दिया था, ‘ऐ गुरु, तू जब मर जाएगा, अपनी लाइब्रेरी मेरे नाम लिख जाना।’ तनुजा उन कुछ अभिनेत्रियों में शामिल थी जो सिगरेट और व्हिस्की पिया करती थीं।

तनुजा ने शशधर मुखर्जी के सबसे छोटे बेटे शोमू मुखर्जी से वर्ष 1973 में शादी कर ली। तनुजा की दो बेटियां हैं। काजोल ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है जबकि तनीषा मुखर्जी ने भी कुछ फिल्मों में काम किया लेकिन वह अपनी बड़ी बहन काजोल जितनी सफलता हासिल नहीं कर सकीं। तनुजा के पति शोमू मुखर्जी की 64 साल की उम्र में हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। 10 अप्रैल 2008 को उनका निधन हुआ था।

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