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चीनी सैनिकों के जमावड़े की वजह से सीमा पर अशांति

नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को चीन के उस बयान का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात के लिए भारत जिम्मेदार है. विदेश मंत्रालय ने सीमा विवाद पर चीन के बयान को फिर खारिज किया. मंत्रालय ने कहा-पूर्वी लद्दाख में चीन की तरफ से यथा स्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिश और चीन की तरफ से सैनिकों के जमावड़े की वजह से सीमा पर अशांति फैली. सीमा पर चीन की तरफ से सैन्य टुकड़ी और अस्त्र शस्त्र की तैनाती जारी है. चीनी कार्रवाई के जवाब में भारत की तरफ से भी उचित तैनाती की गई. चीनी पक्ष से जल्द समाधान के लिये कार्य करने की उम्मीद है ताकि पूर्वी लद्दाख में बाकी मसले हल हों.

बता दें कि भारत और चीन के बीच बातचीत के जरिए लद्दाख में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया जारी है. बीते महीने पूर्वी लद्दाख के गोगरा इलाके से भारत और चीन के सैनिक पीछे हटे हैं. दोनों पक्षों के बीच 12वें दौर की बातचीत में बनी सहमति के आधार पर यह कार्रवाई हुई है. गोगरा में अस्थायी निर्माण भी हटाए लिए गए हैं. सेना ने बताया था कि दोनों पक्षों द्वारा बनाए गए अन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया है और इसकी पुष्टि भी कर ली गई है. सेना ने कहा था, ‘गोगरा पोस्ट से 4-5 अगस्त को दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटीं. दोनों पक्ष अब अपने-अपने स्थायी ठिकानों में हैं.

इससे पहले आज ही थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर घटनाएं तब तक होती रहेंगी, जब तक कि दोनों देशों के बीच सीमा समझौता नहीं हो जाता.

चीन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सीमा का एक लंबित मुद्दा है. हम फिर से किसी भी दुस्साहस का सामना करने के लिए तैयार हैं, जैसा कि हमने अतीत में प्रदर्शित किया है.’ उन्होंने उद्योग संगठन की वार्षिक सत्र बैठक के दौरान कहा, ‘इस तरह की घटनाएं तब तक होती रहेंगी, जब तक कि एक दीर्घकालिक समाधान नहीं हो जाता और वह है सीमा समझौता. यह हमारे प्रयासों के केंद्र में होना चाहिए, ताकि हमारी उत्तरी (चीन) सीमा पर स्थायी शांति हो.’

 

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