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कोर मैनेजमेंट टीम कोयले की कमी से निपटने के लिए तैयार

नई दिल्ली. विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी को देखते हुए एक कोर मैनेजमेंट टीम (सीएमटी) का गठन किया गया है, जो दैनिक आधार पर कोयला स्टॉक की बारीकी से निगरानी और प्रबंधन कर रहा है. बिजली मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में सुधार के लिए कोल इंडिया लिमिटेड और रेलवे के साथ भी जरूरी कार्रवाई को मंत्रालय सुनिश्चित कर रहा है.

ऊर्जा मंत्रालय ने आगे कहा, “कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड ने आश्वासन दिया है कि वे अगले 3 दिनों में बिजली क्षेत्र को प्रतिदिन 1.6 मीट्रिक टन तक कोयला भेजने की सीमा को बढ़ाने की सर्वोत्तम कोशिश कर रहे हैं और इसे प्रतिदिन 1.7 मीट्रिक टन करने का प्रयास किया जा रहा है. इससे निकट भविष्य में बिजली संयंत्रों में कोयले के भंडार के निर्माण में मदद मिलने की संभावना है.”

मंत्रालय ने बताया कि बिजली की मांग में इजाफे के साथ ही कोयला खदानों में बारिश ने कोयले का संकट खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के कारण बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि, सितंबर में कोयला खदान क्षेत्रों में भारी बारिश, कोयला उत्पादन को प्रभावित करना और आयातित कोयले की कीमतों में वृद्धि की वजह से घरेलू कोयले पर निर्भरता बिजली संयंत्रों में कोयले के स्टॉक में कमी के कारण हैं.”

 

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते की शुरुआत में, बिजली मंत्री आर के सिंह ने देश में ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी को स्वीकार किया था और इसे सामान्य स्थिति से परे करार दिया था. हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी कहा था कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में बिजली की मांग कम हो जाएगी और संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति में भी सुधार होगा.

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