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बृहस्पति और शनि तक पहुंचना भी मुमकिन

अंतरिक्ष आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक राज है जिसके बारे में वो जानने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे कई राज अंतरिक्ष में मौजूद हैं जिन्हें जानना जरूरी भी है. अक्सर किसी न किसी नए अविष्कार के बारे में पता चलता है जो मानव सभ्यता को अंतरिक्ष के राज खोजने के और करीब ले जाता है. हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक नया शोध किया है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि महज 60 सालों में इंसान बृहस्पति और शनि तक पहुंचने में सफल हो जाएगा.

अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा ने हाल ही में एक शोध के जरिए दावा किया है कि अगले 60 सालों में इंसान ज्यूपिटर और सैटर्न तक पहुंचने में कामयाब हो जाएगा. वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए पेपर्स में बताया गया है कि जानकारों को आगे क्या करना होगा जिससे इन दोनों ग्रहों तक जाने में मदद मिलेगी. पेपर में कहा गया है कि मार्स और एस्टेरॉयड तक इंसान अगले कुछ सालों में पहुंचेंगे और इस शताब्दी के अंत से पहले ही बृहस्पति और शनि के चंद्रमा तक भी पहुंचेंगे. यही नहीं, 21वीं शताब्दी में की गई ये पहले 23वीं शताब्दी तक जारी रहेगी. जिसमें दूसरे सोलर सिस्टम के ग्रहों तक पहुंचने की पहल की जाएगी. इसके लिए उन ग्रहों को खोजकर वहां अंतरिक्ष यान भेजे जाएंगे.

वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए पेपर्स में ये कहा गया है कि दूसरी गैलैक्सी तक जाने में काफी वक्त लगेगा मगर जिस तरह से नए-नए आविष्कार हो रहे हैं उससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि 24वीं शताब्दी तक दूसरी गैलैक्सी तक इंसान पहुंचने में कामयाब हो पाएगा. ये रिपोर्ट नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेट्री की एक टीम की ओर से जारी की गई है. इसमें वैज्ञानिकों ने विज्ञान और तकनीक की तुलना करते हुए बताया है कि जब से स्पेस एज शुरू हुई है तब से इंसानों ने कितनी प्रोग्रेस कर ली है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है साल 2040 तक रोबोट्स को 40 लाइट ईयर्स दूर तक भेजा जा सकता है. 2060 तक एस्टेरॉयड पहुंचना मुमकिन हो जाएगा और 2080 तक बृहस्पति और शनि तक पहुंचना भी मुमकिन हो जाएगा. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि इस तरह की यात्रा इंसानों के लिए काफी कारगर और इंसानी जीवन को सुरक्षित रखने में भी मदद करेगी.

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