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पति को मार लाश के साथ रातभर सोती रही


ग्वालियरः मध्य प्रदेश से ग्वालियर से हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक महिला ने जिस पति के साथ सात जन्म निभाने की कसमें खाई थी, लेकिन जब उसकी आंखें अपने से कम उम्र के युवक से लड़ी तो उसने करवा चौथ के पहले अपने पति के लिए व्रत ना रखने का वादा प्रेमी से कर दिया. जिसके बाद उसने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली. जिसके बाद पत्नी ने अपने पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया.

दरअसल, ग्वालियर जिले की चीनोर पुलिस को सूचना मिली कि चीनोर के पास पुरानी नहर में एक शव तैर रहा है. जिसके बाद पुलिस ने शव पानी में से निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया तो खुलासा हुआ कि शख्स की मौत पानी में डूबने से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई है. जिसके बाद पुलिस ने ने मामले की जांच शुरू कर दी. घटना 6 सिंतबर की थी. करीब 20 दिन बाद मृतक शख्स की पहचान पोषण सिंह रावत देवरी कला गांव के रुप में हुई, जिसकी पत्नी बसंती देवी रावत ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच के दौरान पुलिस को जब पत्नी पर शक हुआ तो पुलिस ने पत्नी से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ.

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पोषण सिंह रावत और बंसती की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी, दोनों के दो बच्चे भी हैं जिनमें एक एक लड़का और लड़की है. पोषण मजदूरी का काम करता था. बसंती के बयानों के अनुसार उसका पति शराब का आदि था और वह आए दिन उसके साथ मारपीट करता था. इस बीच बसंती का खुद से 11 साल कम उम्र के मनीष रावत से प्रेम संबंध हो गया. दोनों एक दूसरे के प्रेम में इस कदर पागल थे कि उन्होंने पोषण सिंह की हत्या की साजिश रची.

प्रेमी मनीष रावत ने इस बार प्रेमिका बसंती से उसके पति के लिए करवा चौथ का व्रत नहीं रखने की बात कही. पत्नी ने भी कहा वह इस बार पत्नी के लिए व्रत नहीं रखना चाहती. ऐसे में दोनों ने पौषण को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. 4 सितंबर को प्रेमी मनीष बसंती के घर पहुंचा. बसंती ने अपने दोनों बच्चों किसी काम में उलझा दिया और दोनों ने मिलकर पौषण सिंह की हत्या कर दी. पत्नी पति की छाती पर बैठी और प्रेमी ने गला दबाया फिर पत्नी ने भी गला भी दबाया, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

हत्या के बाद मनीष रावत मौके से फरार हो गया. क्योंकि वह अकेले पौषण की लाश को ठिकाने लगाने में सफल नहीं हो पाया. ऐसे में उसने कहा कि वह अगले दिन रात में लाश को ठिकाने लगाएगा. हैरान करने वाली बात यह है कि बसंती ने अपने पति के शव को रातभर घर में ही रखा, बसंती ने पति को चादर उड़ा दिया और वह उसके साथ ही सोती रही. ताकि बच्चों को इस बात का अंदेशा न हो उनके पिता की मौत हो चुकी है. पत्नी ने 5 सितंबर का दिन भी कुछ इस तरह से गुजारा जैसे सबको लगा कि पौषण सिंह जिंदा हो और आराम कर रहा हो. पांच तारीख की रात में मनीष अपने दोस्त रविंद्र के साथ पहुंचा और पौषण सिंह के शव को बाइक पर बिठाकर ले गया. उसने मनीष को बाइक पर इस तरह बिठाया जैसे लोगों को लगे कि तीन युवक बाइक पर बैठकर जा रहे हैं, दोनों ने करीब चार किलोमीटर दूर जाकर पौषण सिंह की लाश को नहर में फेंक दिया.

खास बात यह है कि इसे शायद इत्तेफाक ही कहा जा सकता है कि पत्नी बसंती ने अपने पति के लिए करवाचौथ का व्रत न रखने की कसम खाई थी और 4 सितंबर को उसे मौत के घाट उतारा था, लेकिन घटना के करीब 52 दिन बाद करवाचौथ के अगले दिन ही मामले का खुलासा हुआ. घटना के बाद पुलिस ने तीनों बसंती उसके प्रेमी मनीष रावत और रविंद्र रावत को गिरफ्तार कर लिया है.

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