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पश्चिम,हिमाचल बंगालमें हारी बीजेपी

नई दिल्ली. विधानसभा की 29 और लोकसभा की 3 सीटों पर उपचुनाव के मंगलवार को आए नतीजों के कई बड़े सबक हैं. शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पोजीशन मजबूत की है और अपने आलोचकों को शांत कर दिया. वहीं हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कुर्सी बड़ी हार के बाद डांवाडोल हो सकती है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हिमाचल प्रदेश गृह प्रदेश है. वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने चारों विधानसभा सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है. असम में हिमंता बिस्व सरमा और राजस्थान में अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने को चयन सही साबित किया ह

बीजेपी के लिए हिमाचल प्रदेश के नतीजे चेतावनीभरे हैं क्योंकि अब मुख्य विधानसभा चुनाव में महज एक साल का वक्त बाकी है. सामान्य तौर पर उपचुनावों में सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिलती है. लेकिन कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की. साथ ही महत्वपूर्ण लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस ने बाजी मारी. इस सीट पर छोटे अंतर से कांग्रेस की प्रतिभा सिंह ने जीत हासिल की. प्रतिभा सिंह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी है.
ये ज्यादा चुभने वाली बात है क्योंकि हिमाचल प्रदेश जेपी नड्डा का गृह राज्य है. राज्य में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ स्पष्ट सत्ता विरोधी लहर दिख रही है. कुछ समय पहले ये चर्चा भी थी उनको चुनाव से पहले हटाया जा सकता है. जयराम ठाकुर के लिए और बड़ी मुश्किल इसलिए भी है क्योंकि वीरभद्र सिंह की मृत्यु के बाद उनके परिवार के प्रति लोगों में सहानुभूति है. उपचुनाव में काग्रेस ने 49 फीसदी वोट हासिल किया है.

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने भविष्य को लेकर सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है. बीजेपी ने राज्य में खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल की है. साथ ही तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में दो में जीत हासिल की है. चौहान के नाम को लेकर भी चर्चा थी कि उन्हें हटाया जा सकता है. बीजेपी ने उत्तराखंड, गुजरात और कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले हैं. लेकिन अब शिवराज ने सभी सवालों का जवाब दे दिया है.

कमलनाथ की अगुवाई वाली मध्य प्रदेश कांग्रेस ने एक विधानसभा सीट पर जीत हासिल की है. दोनों पार्टियों के वोट शेयर के बीच अंतर महज दो प्रतिशत का है. 2023 विधानसभा चुनाव मध्य प्रदेश में एक बार फिर हाईवोल्टेज इलेक्शन हो सकता है. चौहान और नाथ के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है.

राजस्थान और असम जैसे राज्यों में अशोक गहलोत और हिमंता बिस्व सरमा ने साबित किया है कि उनका चयन सही किया गया था. बीजेपी और उसके सहयोगी दल ने असम में पांचों सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं राजस्थान में कांग्रेस ने दोनों सीट जीत लीं. राजस्थान में बीजेपी की अंदरूनी कलह के कारण पार्टी का वोट शेयर महज 19 प्रतिशत रहा.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी को लगातार कमजोर कर रहीं ममता बनर्जी ने उपचुनाव में भी बाजी मारी है. टीएमसी ने चारों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है. इन सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी का वोट शेयर सिर्फ 14.5 प्रतिशत रहा है. वहां तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर 75 फीसदी रहा है.

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