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क्या भारत खोल सकता है करतारपुर कॉरिडोर?

नई दिल्ली. बाबा गुरुनानक देव जी की 552वीं जयंती के मौके पर सिख श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार करतारपुर गलियारे को फिर खोलने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है. उच्च सूत्रों नेबताया कि गुरुपरब के मौके पर करतारपुर गलियारा श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सकता है.

आपको याद दिला दें कि पिछले साल मार्च में कोरोना के चलते यह गलियारा बंद कर दिया गया था. 9 नवंबर 2019 को करतारपुर गलियारे को गुरु नानक देव जी की 550 वी जयंती के मौके पर खोला गया था. गलियारा खोलने की घोषणा बहुत जल्द हो सकती है.

करतारपुर गलियारा खोलने को लेकर केंद्र सकारात्मक रुख दिखा रहा है. रविवार को ही पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर गलियारे को खोलने की मांग की थी. मुलाकात के बाद पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द करतारपुर गलियारे को खोला जाएगा.

करतारपुर गलियारा कोरोना संकट के कारण मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था और दोनों देशों के बीच ज़मीनी रास्ते से बेहद सीमित आवाजाही वाघा-अटारी सीमा चेकप्वॉइंट से हो रही है.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि था 17 से 26 नवंबर के बीच जो सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान जाएगा, वह वाघा-अटारी सीमा चेकप्वॉइंट से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह जत्था गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब, गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब, गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब और गुरुद्वारा श्री सच्चा सौदा का दौरा करेगा
हालांकि विदेश मंत्रालय ने औपचारिक रूप से ये साफ कर दिया था कि यह जत्था वाघा अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान जाएगा, ना कि करतारपुर गलियारे के रास्ते. पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं का जत्था तय रास्ते से ही पाकिस्तान दौरे पर जाएगा.

आपको बता दें कि 9 नवंबर 2019 को यह गलियारा श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था और 129 दिन के अंदर करीब 63 हज़ार श्रद्धालुओं ने गलियारे के ज़रिए करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन किए थे.

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