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सिख तीर्थयात्रियों के लिए पाकिस्तान की अच्छी पहल

करतारपुर. पाकिस्तान ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब आने वाले सिख तीर्थयात्रियों के लिए अच्छी पहल की है. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 552वीं जयंती पर यहां कई समारोह आयोजित किए जा रहे हैं. नियम के मुताबिक इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले तीर्थयात्रियों को 10 दिन पहले सूचना देनी पड़ती थी. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब इस नियम में अस्थायी रूप से ढील दी गई है. इस समयसीमा पर भारत के साथ पारस्परिक रूप से सहमति बनी हुई है.
पाकिस्तान ने गुरुद्वारा दरबार साहिब में समारोह से पहले करतारपुर गलियारा फिर से खोलने के भारत के हालिया फैसले के मद्देनजर सिख तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं के सम्मान के तौर पर यह फैसला किया है. समाचार चैनल की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के अनुसार पाकिस्तान ने 30 नवंबर तक ये छूट देते हुए उम्मीद जताई है कि भारत सरकार एक दिसंबर से आगंतुकों के लिए सहमति प्रक्रिया का पालन करेगी. भारत और पाकिस्तान दोनों की आवश्यक मंजूरी के चलते करतारपुर की यात्रा से 10 दिन पहले सिख तीर्थयात्रियों की सूची को अंतिम रूप देने की आवश्यकता होती है.
करतारपुर गलियारा बुधवार को फिर से खोल दिया गया. उससे पहले करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की तीर्थयात्रा पिछले साल मार्च में कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती के मद्देनजर दोनों देशों के बीच तीन दिन के लिए करतारपुर गलियारा खोला गया है, जिसके दर्शन करने जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं है. कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण ये करीब 20 महीने से बंद था.

करतारपुर गलियारा, पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ता है. शुक्रवार को 240 से ज्यादा सिख यात्री करतारपुर पहुंचे. करतारपुर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मंदिर का दौरा किया. करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद लतीफ ने कहा, ‘पंजाब की उपमुख्यमंत्री और जागीर कौर सहित कुल 242 भारतीयों ने करतारपुर साहिब का दौरा किया.’

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