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कैंसर का इलाज मेंढक के बच्चे करेंगे

दुनिया में लगभग हर मिनट वैज्ञानिक कोई ना कोई खोज करने में जुटे होते हैं. आए दिन नई चीजें खोजी जाती है. इनमें से कई खोज क्रांति ले आते हैं. अगर अमेरिकी रिसर्चर्स द्वारा की गई नई खोज के दावे पर यकीन करें तो जल्द ही कैंसर जैसी बीमारी का इलाज संभव है. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मेंढक के बच्चे की स्किन सेल्स से ऐसे रोबोट्स तैयार किये हैं, जो कैंसर का रामबाण इलाज साबित हो सकते हैं. इन्हें जीता-जागता पैकमैन रोबोटनाम दिया गया है.

पैकमैन को जेनोबोट्स भी कहा जाता है. जेनोबोट्स एक मिलीमीटर लंबे जीते-जागते रोबोट्स हैं, जो मेंढक के एम्ब्रियोस से बनाया गया है. मेंढक के बच्चों के स्किन सेल्स से इन रोबोट्स को तैयार किया जाता है. साथ ही इनके दिल को मोटर की तरह यूज किया जाता है. जेनोबोट्स चल सकते हैं. ये तैर सकते हैं. अब हालिया शोध में ये भी कंफर्म हुआ है कि जेनोबोट्स एक से दूसरे में रेप्लिकेट कर सकते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्मांट के प्रोफ़ेसर जोशुआ बोनगार्ड का कहना है कि ये जेनोबोट्स कैंसर के इलाज में क्रांति ला सकते हैं. ना सिर्फ कैंसर बल्कि जेनोबोट्स कई अन्य लाइलाज बीमारियों के इलाज में भी सहायक हो सकते हैं. इनमें गहरे घाव, बर्थ डिफेक्ट्स और उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियां शामिल है. प्रोफेसर जोशुआ के मुताबिक, इन बीमारियों की भविष्यवाणी काफी मुश्किल है. ऐसे में जेनोबोट्स अपनी खूबियों के खुद ब खुद मल्टीप्लाई होकर इन्हें जड़ से खत्म करने में सहायक साबित होंगे.

मेंढक के सेल्स से बने जेनोबोट्स कैंसर का इलाज कर सकते हैंना सिर्फ बीमारियों में बल्कि ये जेनोबोट्स प्रकृति की सफाई में भी मदद करेंगे. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये रोबोट्स नदी और तालाब की गहराई से कचरा खींच लेने में सक्षम है. ऐसे में इनके जरिये पर्यावरण की सफाई भी हो जाएगी. इस रिसर्च के दूसरे प्रोफ़ेसर माइकल लेविन जो टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर हैं, ने कहा कि इन जेनोबोट्स को अभी और स्टडी किया जाएगा. उम्मीद है कि भविष्य में ये क्रांति ले आएंगे.

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