उन्नाव– जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह की उपस्थिति में विकासखंड फतेहपुर-84 के शिवराजपुर-दबौली मार्ग सहित गंगा किनारे स्थित बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता बरतने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा की मुख्य धारा से हुए सड़क कटान के कारण मार्ग अवरोध की स्थिति का अवलोकन किया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी की नियमित जानकारी प्राप्त करते रहें तथा प्रतिदिन गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 24 घंटे में जलस्तर की समीक्षा की जाए और डाउनस्ट्रीम कंट्रोल संबंधी कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सफीपुर एवं बांगरमऊ को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के लिए उपयुक्त शरणस्थलों का चयन कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति को सड़क पर रात्रि विश्राम न करना पड़े। शरणस्थलों पर महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, पशुओं के लिए चारा-भूसा तथा लोगों के लिए भोजन एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों की सूची लेखपाल एवं ग्राम सचिवों के माध्यम से तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांवों में डुगडुगी पिटवाकर संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल स्थानांतरण की जानकारी देने को कहा।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों का सर्वे कराया जाए। साथ ही मेडिकल टीमों का गठन कर उन्हें सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीमों के पास एंटी वेनम, डायरिया, बुखार, खांसी, जुकाम सहित अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के भी निर्देश दिए गए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रस्तावित शरणस्थलों का निरीक्षण कर समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।

इस अवसर पर बांगरमऊ विधायक कांत कटियार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, क्षेत्राधिकारी सफीपुर दीपक यादव, उपजिलाधिकारी बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी सफीपुर शिवेंद्र कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *