उन्नाव 10 सितम्बर 2026 सहायक श्रमायुक्त एस० एन० नागेश ने बताया है कि प्रदेश को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित है। उक्त के क्रम में जनपद उन्नाव में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथा संशोधित-2016 एवं किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, अवमुक्तिकरण, सड़कों पर रहने वाले/बेघर बच्चों के बचाव एवं पुनर्वासन हेतु विशेष अभियान एवं जिलाधिकारी महोदय, उन्नाव द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में गठित टास्क फोर्स के साथ जनपद उन्नाव के तहसील पुरवा में श्री राधेश्याम सिंह, श्री इन्दीवर जोशी एवं श्री राजेन्द्र कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, उन्नाव, श्री दसरथराम सिसौदिया, सब इन्सपेक्टर, एवं कान्स्टेबल, ए0एच0टी, उन्नाव दिव्या मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर 04 प्रतिष्ठानों का बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत निरीक्षण करते हुए 06 बाल एवं किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया। उल्लंघनकर्ता सेवायोजकों के विरूद्व मौके पर ही निरीक्षण टिप्पणी जारी की गयी तथा नियमानुसार विधिक कार्यवाही अपनायी जायेगी। जनपद में संचालित समस्त प्रतिष्ठानों/दुकानों के सेवायोजकों से अपील है कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। Post navigation उन्नाव में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, 17 वर्षीय किशोर समेत दो की मौत उन्नाव: गंगा बैराज रोड पर अज्ञात वृद्ध का शव