सफीपुर (उन्नाव)। कस्बे में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और दलित उत्पीड़न के आरोपों में नामजद आरोपी अदिउल रहमान उर्फ रूमी को सफीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके करीबी सहयोगियों और समर्थकों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पर पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। स्थानीय लोगों के बीच उसकी गतिविधियां लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थीं।

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में आरोपी के खिलाफ गरीबों के राशन की कथित कालाबाजारी से संबंधित एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में वह कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्रवाई से बचने में सफल रहा। आरोप है कि वह स्वयं को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताकर लोगों और अधिकारियों पर प्रभाव बनाने का प्रयास करता था, जिससे उसके खिलाफ शिकायत करने वाले कई लोग खुलकर सामने नहीं आ पाते थे।

हाल ही में दर्ज रंगदारी और दलित उत्पीड़न के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया तो उसे जेल भेजने के आदेश जारी किए गए।

पुलिस कार्रवाई के दौरान खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताने वाला आरोपी रूमी गिड़गिड़ाता नजर आया। वहीं उसकी गिरफ्तारी के बाद कस्बे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि अब कई लोग उसके खिलाफ अपनी शिकायतें लेकर सामने आने की तैयारी कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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