गौ संरक्षण एवं विकास कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, छुट्टा पशुओं को गौशालाओं में संरक्षित करने के निर्देश उन्नाव- कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विकास कार्यों, विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा गौ संरक्षण, संवर्धन एवं भरण-पोषण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग की नई सड़कों के निर्माण, स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना, पंचायती राज विभाग के 15वें एवं 5वें वित्त आयोग, फैमिली आईडी, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना तथा पर्यटन विभाग सहित कई योजनाओं की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि 15वें एवं 5वें वित्त आयोग से संबंधित लंबित कार्यों और भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर भुगतान लंबित न रहे। जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अगले माह से भुगतान समय पर नहीं हुआ तो संबंधित एमओआईसी के वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि भविष्य में केवल जिला स्तरीय अधिकारी ही बैठक में प्रतिभाग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को अवकाश के दिन भी बैठक के लिए बुलाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। गौ संरक्षण को लेकर दिए सख्त निर्देश बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी ने गौ संरक्षण, संवर्धन एवं भरण-पोषण की समीक्षा की। उन्होंने छुट्टा पशुओं, भूसा, खली-चोकर, पेयजल व्यवस्था एवं हरे चारे की उपलब्धता की जानकारी खंड विकास अधिकारियों से प्राप्त की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर सभी छुट्टा पशुओं को संबंधित गौशालाओं में संरक्षित किया जाए और कोई भी पशु सड़क पर दिखाई नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में पशुओं को केवल सूखा भूसा न देकर भूसे के साथ हरा चारा, खली एवं चोकर भी उपलब्ध कराया जाए। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर गोचर भूमि एवं अन्य खाली भूमि पर अधिक से अधिक हरे चारे की बुवाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गौशालाओं की लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, जिला विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। Post navigation मुहर्रम को लेकर प्रशासन सतर्क, एसएसपी ने ताजिया जुलूस मार्गों का किया निरीक्षण