उन्नाव- विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में चल रहे वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विभागवार प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि वृक्षारोपण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पौधों का रोपण किया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान में किसी प्रकार की खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विभाग अपने आवंटित लक्ष्य के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार कर पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण की भी व्यवस्था करे। जिलाधिकारी ने ग्राम विकास, कृषि, सिंचाई विभाग को नहरों और कैनालों के किनारे तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर प्राथमिकता के आधार पर छायादार और फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद को आवंटित 66 लाख पौधरोपण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में उन्होंने मियावाकी पद्धति से भी पौधरोपण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय निकाय इस तकनीक को अपनाकर अधिक घनत्व वाले हरित क्षेत्र विकसित करें। साथ ही सभी विभाग पौधरोपण की जियो-टैगिंग कर फोटो पोर्टल पर अपलोड करें और यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधे जीवित रहें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, प्रभागीय वनाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। Post navigation मौरावां में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का शिलान्यास, आधुनिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा उन्नाव में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान: 38 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, दो वाहन किए गए सीज