मिशन शक्ति फेज-6.0: नृत्य-नाटिका के माध्यम से बाल विवाह के विरुद्ध किया गया जागरूक, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी बीघापुर ने होटल एवं प्रतिष्ठानों में बाल श्रम की रोकथाम हेतु किया निरीक्षण

अचलगंज तिराहा स्थित पिंक बूथ के सामने सोल ऑफ डांस एकेडमी के बच्चों ने दी प्रभावशाली प्रस्तुति, गदनखेड़ा बाईपास स्थित होटलों में बाल श्रम न कराने की दी गई हिदायत

शासन की मंशा के अनुरूप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव श्री जय प्रकाश सिंह के निर्देशन में मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन तथा बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम हेतु जनपद में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 18.10.2026 को नवरात्रि के आठवें दिन सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी बीघापुर श्री प्रदीप कुमार की उपस्थिति एवं अध्यक्षता में सदर कोतवाली एवं महिला थाना की संयुक्त टीम द्वारा अचलगंज तिराहा स्थित पिंक बूथ के सामने जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नृत्य-नाटिका के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों का किया गया प्रभावी चित्रण

कार्यक्रम का संयोजन एवं निर्देशन डॉ. आशीष श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर सोल ऑफ डांस एकेडमी के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा बाल विवाह निषेध एवं उसकी रोकथाम के विषय पर आकर्षक एवं संदेशपरक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। नृत्य-नाटिका के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों की शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों तथा बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया। आमजन द्वारा तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रस्तुति की सराहना की गई। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास में बाधक है। इस सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

गदनखेड़ा बाईपास स्थित होटलों में बाल श्रम की रोकथाम हेतु चेकिंग

जनजागरूकता कार्यक्रम के उपरांत सहायक पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप कुमार द्वारा थाना कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत गदनखेड़ा बाईपास स्थित विभिन्न होटलों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल श्रम की स्थिति की जांच की गई। इस दौरान होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम न कराया जाए। बाल श्रम से संबंधित प्रकरण प्रकाश में आने पर नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के माध्यम से प्रतिष्ठान संचालकों को बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहने तथा बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के महत्व से अवगत कराया गया।

सहायक पुलिस अधीक्षक ने आमजन से की अपील

सहायक पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप कुमार ने आमजन से अपील की कि बच्चों की आयु पढ़ने-लिखने, सीखने और अपने भविष्य को संवारने की होती है। अतः उनसे बाल श्रम न कराया जाए और न ही कम उम्र में उनके विवाह की व्यवस्था की जाए। अभिभावक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए पर्याप्त अवसर दें।उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पात्र परिवारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी एवं रोजगारपरक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अभिभावक इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं तथा बच्चों की शिक्षा एवं पालन-पोषण को प्राथमिकता दें। बच्चों को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। साथ ही आमजन से अपील की गई कि बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी

कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर श्री चंद्रकांत मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्री राममिलन यादव, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना श्रीमती रेखा सिंह, डॉ. आशीष श्रीवास्तव प्रभारी परिवार परामर्श समिति, उपनिरीक्षक श्रीमती रेखा देवी, उपनिरीक्षक श्रीमती मीना देवी, उपनिरीक्षक श्रीमती अंजनी सिंह सहित महिला थाना एवं उन्नाव पुलिस के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस टीम से आरक्षी ममता, आरक्षी साधना, आरक्षी रेणु कटियार, आरक्षी वंदना कटियार, आरक्षी हेमंत, आरक्षी कुलदीप, आरक्षी राम, आरक्षी दीपिका दीक्षित एवं आरक्षी आकांक्षा ने कार्यक्रम में सहभागिता की। सोल ऑफ डांस एकेडमी की प्रबंधक श्रीमती सामना तोलानी एवं श्री महेंद्र प्रताप का भी कार्यक्रम में सहयोग रहा।

उन्नाव पुलिस का संदेश:  बच्चों का बचपन शिक्षा, सुरक्षा और सपनों के लिए है, न कि बाल श्रम और बाल विवाह के लिए। आइए, पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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