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उन्नाव– प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोलकाता आंचलिक कार्यालय ने अवैध सट्टेबाजी और जुए के एक मामले में अनुराग द‌द्विवेदी, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर (प्रचारक) से जुड़े! लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में स्थित 10 परिसरों पर तलाशी ली है। तलाशी के दौरान 4 हाई-एंड कारें, जैसे कि 4 करोड़ रुपये से अधिक शुरुआती कीमत वाली लेम्बोर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और लगभग 20 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि अनुराग द्विवेदी ने हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई में रियल एस्टेट निवेश किया था। इसके अलावा, पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत बीमा पॉलिसियों, एफडी बैलेंस, बैंक खातों में लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि जैसी चल संपत्तियों पर भी रोक लगा दिया गया है।

 

ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर अवैध ऑनलाइन स‌ट्टेबाजी संचालन करने के लिए कुछ व्यक्तियों के खिलाफ जांच शुरु की। जांच में पता चला कि आरोपी सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भार‌द्वाज ‌द्वारा सिलीगुडी से एक ऑनलाइन स‌ट्टेबाजी पैनल चलाया जा रहा था, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के संचालन के लिए म्यूल बैंक खातों, टेलीग्राम चैनलों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे।

 

ईडी की जांच में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग ‌द्विवेदी की अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के मंचों को बढ़ावा देने में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका पाई गई है। वह विभिन्न हवाला चैनलों और म्यूल खातों के माध्यम से अवैध स‌ट्टेबाजी ऐप से अपराध की आय (पीओसी) प्राप्त करता रहा है। वह अवैध सट्टेबाजी ऐप के लिए प्रचार वीडियो बनाता और प्रसारित करता है और इस प्रकार आम जनता को उन मंचर्चा पर सट्टा लगाने के लिए प्रभावित करता है। उसकी कंपनियों के बैंक खातों और उसके परिवार के सदस्यों के खातों में बिना किसी वैध वाणिज्यिक कारणों के बड़ी रकम प्राप्त हुई।

 

ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि अनुराग द्विवेदी ने अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के प्रचार और सुविधाएं मुहैया कराने के माध्यम से उत्पन्न अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग करके भारत के बाहर, विशेष रूप से दुबई में अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। यह भी पता चला है कि इस तरह की आय उत्पन्न होने के बाद, अनुराग ‌द्विवेदी ने भारत छोड दिया है और वर्तमान में दुबई में रह रहे हैं। उन्हें अब तक कई समन जारी किए जा चुके हैं, हालांकि, वह ईडी के समक्ष पेश होने में विफल रहे हैं। ईडी ने पहले इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया था और माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), कोलकाता के समक्ष 01.08.2025 को अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। ईडी ने तत्काल मामले में 23.7 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को फ्रीज/कुर्क भी किया था।

 

आगे की जांच जारी है।

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