उन्नाव में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने के उद्देश्य से देश को समर्पित सर्वधर्म महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन गुरुवार को उन्नाव के बदरका क्षेत्र में सर्वधर्म संसद से जुड़े विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं का आगमन हुआ।

इस अवसर पर ‘रंग दे बसंती’ नामक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में भाईचारे, प्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन उन्नाव में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जिसमें सभी प्रमुख धर्मों के धर्मगुरु एक साथ मंच साझा कर रहे हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी सौहार्द, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत करना है। इसी क्रम में सभी धर्मगुरुओं ने बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद स्मारक स्थल पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और देश की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सर्वधर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोस्वामी सुशील महाराज ने कहा कि उन्नाव के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब सभी धर्मों के प्रमुख एक मंच पर एकत्र होकर समाज को एकता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या बयान से कोई संबंध नहीं है।

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक सुरेंद्र वर्मा ‘बाबा जी’ ने जानकारी दी कि 23 जनवरी को रामलीला मैदान में सभी धर्मगुरुओं का मुख्य आगमन होगा, जहां एक भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन को उन्नाव के इतिहास में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया।

सुरेंद्र वर्मा बाबा ने यह भी बताया कि 23 जनवरी को होने वाले ‘रंग दे बसंती सम्मेलन’ में भारत सहित देश-विदेश से आए अनेक धर्मगुरु अपने विचार रखेंगे। आयोजकों ने दोहराया कि सर्वधर्म महोत्सव का मूल उद्देश्य समाज में प्रेम, सौहार्द, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है, ताकि सभी धर्मों के लोग मिलकर एक मजबूत और एकजुट भारत का निर्माण कर सकें।

कार्यक्रम में आचार्य लंकेश जी महाराज, सदर विधायक प्रतिनिधि प्रखर गुप्ता, सौरभ वर्मा, सनी सरदार, सभासद मुन्ना सिंह सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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