आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आज सिद्धनाथ मंदिर परिसर में भजन संध्या एवं मंदिर परिसर स्थित तालाब में दीपदान का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सायंकालीन बेला में भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु भक्तिमय धुनों पर झूम उठे, वहीं तालाब के घाट पर दीपदान से पूरा परिसर आलोकित हो गया।

दीपदान कार्यक्रम के लिए तालाब के घाटों की विशेष साफ-सफाई एवं दीपोत्सव की तैयारियों में डी.एस.एन. कॉलेज उन्नाव, राजकीय आईटीआई उन्नाव तथा चौधरी खजान सिंह कॉलेज के छात्रों ने सराहनीय योगदान दिया। छात्रों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम और अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बन सका।

इस अवसर पर सांस्कृतिक विभाग के सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर श्री के.के. पाठक ने कहा कि “ऐसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। युवाओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति सुरक्षित हाथों में है।”

वहीं परियोजना निदेशक पी.डी. श्री तेजवंत सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व जैसे आयोजन जनसहभागिता को बढ़ावा देते हैं और समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ऐसे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बनते हैं।”

जिला पर्यटन अधिकारी संतोष सिंह ने कहा कि “भजन संध्या जैसे आयोजन लोगों को एक साथ लाकर आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। यह न केवल भक्ति का माध्यम है, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है।” लेफ्टिनेंट डॉ. विपिन सिंह ने कहा कि “दीपदान भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देती है। जब सैकड़ों दीप एक साथ प्रज्वलित होते हैं, तो वह केवल वातावरण को ही नहीं, बल्कि हमारे मन और समाज को भी आलोकित कर देते हैं।”

कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण एवं भव्य वातावरण में हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी संतोष सिंह, लेफ्टिनेंट डॉ. विपिन सिंह, कैप्टन रविरंजन, मुन्ना सिंह अवधूत, आशीष निगम, मनीष दीक्षित तथा लेफ्टिनेंट अतुल शुक्ला सहित उन्नाव के कई प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *