किसानों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी कृषि सेवाएं उन्नाव में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना के अंतर्गत 16 “वन स्टॉप शॉप” यानी एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह जानकारी उप कृषि निदेशक रवि चन्द्र प्रकाश ने दी। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और किसानों को एक ही स्थान पर बीज, खाद, कृषि उपकरण और कृषि रसायन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एग्रीजंक्शन केंद्रों पर मिलेंगी कई सुविधाएं इन केंद्रों पर किसानों को कृषि उपकरणों की मरम्मत, पशु आहार, कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत उत्पादों की बिक्री, मौसम संबंधी जानकारी तथा कृषि से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कौन कर सकता है आवेदन योजना के लिए कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक तथा कृषि एवं सहबद्ध विषयों जैसे उद्यान, पशुपालन, वानिकी, डेयरी, पशु चिकित्सा और मुर्गी पालन में डिग्रीधारी अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। डिप्लोमा धारक और कृषि विषय से इंटरमीडिएट पास अभ्यर्थियों पर भी विचार किया जाएगा। अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की आयु छूट मिलेगी। प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता भी मिलेगी चयनित लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के साथ ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (RIDP) के तहत 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 30 मई तक करें आवेदन इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एग्रीजंक्शन आवेदन पोर्टल� अधिक जानकारी के लिए कृषिभवन उन्नाव स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। Post navigation उन्नाव: पंचायत कार्यों की समीक्षा में सख्त दिखे जिलाधिकारी, लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश *आज दिनांक 09.05.2026 को श्री घनश्याम मीणा जिलाधिकारी उन्नाव, श्री जय प्रकाश सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव, श्री दीपक यादव सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर एवं श्री क्षितिज द्विवेदी उप जिलाधिकारी सदर द्वारा थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना कोतवाली सदर में उपस्थित होकर जनसुनवाई की गई। थाना समाधान दिवस के दौरान क्षेत्र से आए फरियादियों की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को निष्पक्ष, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।*