उन्नाव- उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सरकारी धन के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील पुरवा के बीएमएम दीपराज को गिरफ्तार कर जेल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पिछले चार वर्षों में किए गए भुगतानों की जांच के लिए समिति गठित करने के आदेश भी जारी किए।

बैठक में जिलाधिकारी ने परिवार संतृप्तिकरण, समूह गठन, आईसीआरपी ड्राइव, लखपति दीदी चिन्हांकन, आजीविका रजिस्टर अपडेट, समूहों के बैंक खाते, रिवॉल्विंग फंड वितरण, सीसीएल तथा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और अगली समीक्षा बैठक से पूर्व सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी मिली कि तहसील पुरवा के बीएमएम दीपराज के खिलाफ सरकारी धन के गबन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद वह नियमित रूप से कार्य कर रहा था और उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक के माध्यम से बैठक स्थल से ही उसे गिरफ्तार कराकर जेल भेजने की कार्रवाई कराई।

जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को भी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि सरकारी धन के गबन में संलिप्त सभी कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इसके अलावा, असोहा विकासखंड के एक कंप्यूटर ऑपरेटर के आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कार्यों पर असंतोष जताते हुए निर्देश दिया कि पिछले चार वर्षों में मिशन के तहत हुए सभी भुगतानों की जांच कराई जाए। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कितनी धनराशि किसे दी गई और उसका उपयोग किस प्रकार हुआ। लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समूह गठन, परिवार संतृप्तिकरण, लखपति दीदी चिन्हांकन तथा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। खराब प्रदर्शन करने वाले बीएम के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, लीड बैंक मैनेजर, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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