उन्नाव: जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी की अध्यक्षता में सोमवार को पन्ना लाल सभागार में गौवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की और निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने को कहा। समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को गौशालाओं में संरक्षण न दिए जाने, मृत पशुओं की पंजिका अपडेट न करने तथा गौवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए खंड विकास अधिकारी व उपजिलाधिकारी की संयुक्त बैठक न कराने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विकासखंड नवाबगंज को छोड़कर सभी खंड विकास अधिकारियों के वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए। बैठक में विकासखंड औरास से सबसे अधिक शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी और दो माह के भीतर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में पशुओं को भूसा, हरा चारा, खली-चोकर सहित अन्य पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए ताकि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रह सके। इस संबंध में प्रस्तुत प्रेजेंटेशन को सभी विकासखंडों में लागू करने की बात भी कही गई। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर हरे चारे के लिए मक्का, ज्वार और नेपियर घास की बुवाई कराई जाए तथा तीन दिन के भीतर इसका एस्टीमेट तैयार कर कार्ययोजना बना ली जाए। साथ ही गौशालाओं में आने वाले नए पशुओं को टैग करने के भी निर्देश दिए। गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी, छाया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि गौवंश का संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कृतिराज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। Post navigation एसएसपी उन्नाव ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा केंद्र का किया निरीक्षण